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Friday, July 24, 2026

॥ दोहा ॥

दोपारे सारंग भली, 

सोरठ भली  धरात । 

कर जो समझ विचार ने, 

ओ समय देखने बात ।।

काल की बात तू छोड़ परी

 और आज करे उन पे चित दीजे । 

काल करो तो फेर करो तुम 

काल करो तब को अटकीजे ।

 काल को ख्याल तो करताँ ही करता

 काल के गाल में जाय वसीजे । 

काल की बात को छोड़ दे मान 

तू आज करे सो अबी कर लीजे ।।