Wednesday, June 3, 2026

चलणो  खांडा  की धार , ढबणो  भाला  की आन 



 चलणो खांडा की धार ,
 ढबणो भाला की आन ,

 धार चूके तो अणिया लागे रे !
 ये मारग तो झीणा झीणा जी

 इन काया में रतन तालाब ,
 संत हिलोरा ले रया जी !

 चलणो खांडा की धार ,
 ढबणो भाला की आन

 इन काया में लग रही हाट ,
 साध संत सौदा करे ओ जी

 चलणो खांडा की धार ,
 ढबणो भाला की आन

 इन काया में माची राड ,
 बना शीश का भाला बावे जी!

 चलणो खांडा की धार ,
 ढबणो भाला की आन

 सूरो वे तो खड्ग संभाल ,
 कायर वे जो डर डर भागे जी

 चलणो खांडा की धार ,
 ढबणो भाला की आन

 माली लखमा लिखे परमाण ,
 भवानीनाथ जी अड़भै भाखे जी

 चलणो खांडा की धार ,
 ढबणो भाला की आन