चलणो खांडा की धार , ढबणो भाला की आन
चलणो खांडा की धार ,
ढबणो भाला की आन ,
धार चूके तो अणिया लागे रे !
ये मारग तो झीणा झीणा जी
इन काया में रतन तालाब ,
संत हिलोरा ले रया जी !
चलणो खांडा की धार ,
ढबणो भाला की आन
इन काया में लग रही हाट ,
साध संत सौदा करे ओ जी
चलणो खांडा की धार ,
ढबणो भाला की आन
इन काया में माची राड ,
बना शीश का भाला बावे जी!
चलणो खांडा की धार ,
ढबणो भाला की आन
सूरो वे तो खड्ग संभाल ,
कायर वे जो डर डर भागे जी
चलणो खांडा की धार ,
ढबणो भाला की आन
माली लखमा लिखे परमाण ,
भवानीनाथ जी अड़भै भाखे जी
चलणो खांडा की धार ,
ढबणो भाला की आन