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Friday, July 3, 2026

 म्हारो थाँ पर दारमदार।

म्हारो थाँ पर दारमदार, म्हारो थाँ पर दारमदार।

 मैं तो थाँरो खेल खिलौनूँ, थे हो  खेलनहार ॥ टेर ॥

मैं तो थाँरी रामफिरकली, थे हो फेरनहार।

उलटी फेरो सुलटी फेरो, करूँ नहीं इनकार ॥ 1॥

मैं तो थाँरो झुणझुणियों हूँ, आप बजावण हार।

 हरदम पकड़ हात में राखो, छोड़ो मत सरकार ॥2॥

मैं तो थाँरी कठपुतली हूँ, आप नचावण हार। 

 थिरक थिरक कर खूब नचावो, डोरी हात तिहार ॥ ३ ॥

मैं तो थाँरी गेंद हा तरी, थे ही चतुर खिलार। 

युगल चरण की ठौकर मारो, कर दो भवसे पार ॥ ४॥

सब पुरुषाँ में थे पुरुषोत्तम, मैं हूँ मुरख  गँवार।

अपणू समझ निभायाँ सरसी, दीज्यो मती बिसार ॥ ५