←Back

Friday, September 29, 2023

                   
                   
                 इक दिन वो भोला भंडारीबनकर के बृजनारी गोकुल में आ गए हैपारवती भी मना के हारी ना मने त्रिपुरारी गोकुल में आ गए हैपार्वती से बोले मैं भी चलूंगा तेरे संग मेंराधा संग श्याम नाचेमैं भी नाचूंगा तेरे संग मेंरास रचेगा ब्रिज में भारी मुझे दिखाओ प्यारीगोकुल में आ गए है इक दिन वो भोले भंडारीबनकर केबृजनारीगोकुल में आ गए हैओ मेरे भोले स्वामी कैसे ले जाऊ तुम्हे रास मेंमोहन सिवा वँहा कोई पुरुष न जाए रास मेंहंसी करेगी ब्रिज की नारी मानो बात हमारीगोकुल में आ गए है गोकुल में आ गए हैइक दिन वो भोले भंडारी बनकर केबृज नारी गोकुल में आ गए हैऐसा बना दो प्यारी ,कोई ना जाने इस रास कोमैं हु सहेली तेरी ऐसे बताना बृजराज कोलगा के बिंदिया बांध के साड़ी चाल चले मतवालीगोकुल में आ गए है गोकुल में आ गए हैइक दिन वो भोला भंडारी बनकर के बृज नारी गोकुल में आ गए हैहँसके सति ने कहा बलिहारी जौ इस रूप पेइक दिन तुम्हारे लिए आये मुरारी इस रूप मेंमोहिनी रूप बनाया मुरारी अब यह तुम्हारी बारीगोकुल में आ गए है गोकुल में आ गए हैइक दिन वो भोला भंडारी बनकर के बृज नारी गोकुल में आ गए हैदेखा मोहन ने समझ गए वो सब बात कोऐसी बजायी बंसी ,सुध बुध भूले भोलेनाथ रेसर से सिरक गयी जब साड़ी मुस्काये गिरधारीगोकुल में आ गए है गोकुल में आ गए हैइक दिन वो भोला भंडारी बनकर के बृज नारी गोकुल में आ गए हैहो मेरे भोले बाबा तब से गोपेश्वर तेरा नाम रेओ भोले बाबा तेरा वृन्दावन तेरा धाम रेताराचंद कहे त्रिपुरारी रखियो लाज हमारीशरण में आ गए है गोकुल में आ गए हैइक दिन वो भोला भंडारी बनकर के बृज नारी गोकुल में आ गए हैइक दिन वो भोला भंडारी बनकर के बृज नारी गोकुल में आ गए हैपारवती भी मन के हारी ना मने त्रिपुरारी गोकुल में आ गए हैगोकुल में आ गए है गोकुल में आ गए है