कृष्ण प्रित्त
मे तेरा हूँ तु मेरा है
तो दुनिया से क्या लेना है
मेरा दिल भर मेरा मोहन
तो दुनिया से क्या लेना है।
हवा दूँ जुस्तजू को मे
तेरा ही नाम आता है ,
कभी ती आय मिलो सैंया
कैसा दिल का नाता है। |
तेरे रुखसार पे सो सो
चंदा वार के फेकुं ,
तेरी मुस्कान हर दिल की
यु ही दिवाना बनाती है।
तेरे इस प्यार ने जाने
क्या क्या गुल खिलाए है,
कही प्यासे ही बैठे हैं
कंही भर प्याले पिलाए है।
हर एक दिल पे मेरे दाता की
सरकार चलाती है,
निगाहों की झुका चाहे तो
हर तकदीर फलती है।
उसे हो रंजो गम किसका
जो बन्दा ही तुम्हारा है ,
मेरे दाता ही कश्ती है,
मेरे दाता ही किनारा ही।
Lyrics By- Aviraj