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Saturday, September 30, 2023

इक दिन वो भोला भंडारी

                 
                 
 इक दिन वो भोला भंडारी
बनकर के बृजनारी
गोकुल में आ गए है
पारवती भी मना के हारी
 ना मने त्रिपुरारी
गोकुल में आ गए है

पार्वती से बोले
 मैं भी चलूंगा तेरे संग में
राधा संग श्याम नाचे 
नाचूंगा तेरे संग में
रास रचेगा ब्रिज में भारी
मुझे दिखाओ प्यारी
गोकुल में आ गए है
इक दिन वो भोले भंडारी
बनकर केबृजनारी
गोकुल में आ गए है


ओ मेरे भोले स्वामी
कैसे ले जाऊ तुम्हे रास में
मोहन सिवा वँहा कोई
पुरुष न जाए रास में
हंसी करेगी ब्रिज की नारी
मानो बात हमारी
गोकुल में आ गए है

इक दिन वो भोले भंडारी
बनकर केनारी
 गोकुल में आ गए है

ऐसा बना दो प्यारी ,
कोई ना जाने इस रास को
मैं हु सहेली तेरी
ऐसे बताना बृजराज को
लगा के बिंदिया बांध के साड़ी
 चाल चले मतवाली
गोकुल में आ गए है
गोकुल में आ गए है
इक दिन वो भोला भंडारी
बनकर के बृजनारी
गोकुल में आ गए है


हँसके सति ने कहा बलिहारी
 जौ इस रूप पे
इक दिन तुम्हारे लिए आये
मुरारी इस रूप में
मोहिनी रूप बनाया मुरारी
अब यह तुम्हारी बारी
गोकुल में आ गए है
 गोकुल में आ गए है
इक दिन वो भोला भंडारी
बनकर के नारी
गोकुल में आ गए है

देखा मोहन ने समझ गए
वो सब बात कोऐ
सी बजायी बंसी ,
सुध बुध भूले भोलेनाथ रे
सर से सिरक गयी जब साड़ी
मुस्कायेगिरधारी
गोकुल में आ गए है
गोकुल में आ गए है
इक दिन वो भोला भंडारी
 बनकर के बृज नारी
गोकुल में आ गए है
हो मेरे भोले बाबा तब से
गोपेश्वर तेरा नाम रे
ओ भोले बाबा तेरा वृन्दावन
तेरा धाम रेताराचंद
 कहे त्रिपुरारी
रखियो लाज हमारी
शरण में आ गए है


गोकुल में आ गए है
इक दिन वो भोला भंडारी
बनकर के बृजनारी
गोकुल में आ गए है
इक दिन वो भोला भंडारी
बनकर के बृज नारी
 गोकुल में आ गए है
पारवती भी मन के हारी ना मने
त्रिपुरारी गोकुल में आ गए है
गोकुल में आ गए है
गोकुल में आ गए है   

 इक दिन वो भोला भंडारी इक दिन वो भोला भंडारी