कंचन वाली काया ओ,
सेलाणी मेतो पावणा।
एक दिन जावाला,
फेर नहीं आवाला
लेणा वे जो लेलो ये,
जगत वाला मेला मु।
मेलो ये बिछड़िया बाद,
फेर पछता वाला।
कंचन वाली काया ओ
, सेलाणी मेतो पावणा।
एक दिन जावाला,
फेर नहीं आवाला।
लेणा वे जो लेलो ये,
लावा ये थारा हाथा सु।
करलो भलाई वालो काम
जगत जस पवाला।
कंचन वाली काया ओ,
सेलाणी मेतो पावणा।
एक दिन जावाला,
फेर नहीं आवाला
लेणा वे जो लेलो ये,
लावा ये थारा हाथा सु
करलो भलाई वालो काम
जगत जस पवाला।
कंचन वाली काया ओ,
सेलाणी मेतो पावणा ।
एक दिन जावाला
फेर नहीं आवाला।
अमृत वाणी बोलो ये,
मोटा वाली जीवा सु
आवे आवे फूलड़ा री बास
अमर होई जावाला।
कंचन वाली काया ओ,
सेलाणी मेतो पावणा।
एक दिन जावाला,
फेर नहीं आवाला।
गाणा वे जो गालो ये,
गुरासा वाला गीतड़ला।
भैरव भजन मन संग,
भव से तीर जावाला।
सेलाणी मेतो पावणा।
एक दिन जावाला,
फेर नहीं आवाला।
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Saturday, July 4, 2026
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