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Wednesday, June 24, 2026

         
 देख देख एक बाला जोगी
 द्वारे मेरे आया हो ॥

 पीतपीतांबर गंगा बिराजे
 अंग बिभूती लगाया हो ।
 तीन नेत्र अरु तिलक चंद्रमा
 जोगी जटा बनाया हो ॥१॥


 भिछा ले निकसी नंदरानी
 मोतीयन थाल भराया हो ।
 ल्यो जोगी जाओ आसनपर
 मेरा लाल दराया हो ॥२॥

 ना चईये तेरी माया हो अपनो
 गोपाल बताव नंदरानी ।
 हम दरशनकु आया हो ॥३॥


 बालकले निकसी नंदरानी
 जोगीयन दरसन पाया हो ।
 दरसन पाया प्रेम बस नाचे
 मन मंगल दरसाया हो ॥४॥

 देत आसीस चले आसनपर
 चिरंजीव तेरा जाया हो ।
 सूरदास प्रभु सखा बिराजे
 आनंद मंगल गाया हो ॥५॥