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Sunday, October 1, 2023

भजनाँ सँ लागै मीरा मीठी

     श्री चारभुजानाथ की जय 
                 
 मेवाड़ी राणा,
भजनाँ सँ लागै मीरा मीठी।
उदयपुर राणा,
भजनाँ सँ लागै मीरा मीठी॥टेर॥
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थारो तो राम म्हानै बतावो,
नहीं तो फकीरी थारी झूठी॥1॥


म्हारो तो राम राणाजी घटघट बोलै,
थारै हिये की कियाँ फूटी॥2॥

सास नणद दोराणी, जिठाणी,
जलबल भई अंगीठी॥3॥

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 थे तो साँवरिया म्हारै सिर का सेवरा,
म्हें थारै हाथकी अंगूठी॥4॥

सँकडी गली मँ म्हानै गिरधर मिलियो,
 किस बिध फिरुँ मैं अपूठी॥5॥


बाई मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
 चढ़ गयो रंग मजीठी॥6॥

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         श्री चारभुजानाथ की जय