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Saturday, June 13, 2026

कोठे ऊपर कोटड़ा री हेली कोठे।
जहां चढ़ बोला मौर।
मौर बेचारा के करे
म्हारी हेली री-२ घर मे घुस गए चोर।
 माल वा का हड़ लिया हे हेली।

धोबी धोवे कपड़ा री हेली
धोबी त्रिवेणी के घाट हे हेली।
 मछली साबुन ले गई री
 म्हारी हेली री-२
कुनबा बाराबाट
 लग्न वा की लग रही हे हेली।


उड़द कुआं मुख सांकड़ा
री हेली उड़द।
लाम्बी जा की डोर हेहेली।
 पांच सखी पानी भरें म्हारी हेली री,
 भर लिया समन्द झकोल,
कमर वाकी कस गई हे हेली।

कह कबीरा धरमीदास से
म्हारी हेली री,
सुन्न शिखर के बीच हे हेली,
सुन्न शिखर में चांदना म्हारी हेली री,
बिन बाती बिन तेल,
चसम वा की चस रही हे हेली।