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Saturday, July 4, 2026

लोभीडो जाने रे सुन्दर मारी काया

लोभीडो जाने रे सुन्दर मारी काया ,
 धन रे जोबन बादल वाली छाया जी,
 थोडा जीवना रे खातीर काई जोडे माया,
 मायलों जाने रे अमर मारी काया जी ।।

 लोहा री जंजीर झकड बंधीया हाथी जी,
अंत समय में थारो कोई नहीं साथी,
मायलों जाने रे अमर मारी काया जी,
लोभीडो जाने रे सुन्दर मारी काया


 सोना हंदा महल रूपा हंदा साजा जी,
अरे राज करे वो काया नगरी रो राजा,
 मायलों जाने रे अमर मारी काया जी,
लोभीडो जाने रे सुन्दर मारी काया,

 अरे गस गया महल बिखर गया साजा जी,
 अरे बिलखो फिरे रे काया नगरी रो राजा,
मायलों जाने रे अमर मारी काया जी,
लोभीडो जाने रे सुन्दर मारी काया,

  जड की तो भीत पवन की माटी जी,
उड गया हंस पडी रही माटी,
 मायलों जाने रे अमर मारी काया जी,
लोभीडो जाने रे सुन्दर मारी काया,

 एक कुआँ है पाँच पिनहारी जी,
 पानीडो भरे वे तो न्यारी रे न्यारी,
मायलों जाने रे अमर मारी काया जी,
लोभीडो जाने रे सुन्दर मारी काया,


 सूख गया नीर सूखन लागी क्यारी जी,
अरे बिलखी फिरे वे तो पाचो पिनहारी,
 मायलों जाने रे अमर मारी काया जी,
लोभीडो जाने रे सुन्दर मारी काया,

 जल बीच यमुना ऊपर बसे काशी जी,
वहा पर राज करे रे अविनाशी,
मायलों जाने रे अमर मारी काया जी,
लोभीडो जाने रे सुन्दर मारी काया,


 सीताफल रूख शीतल ज्यारी छाया जी,
बाई रे रूपादे हरी जश गाया,
मायलों जाने रे अमर मारी काया जी,
 लोभीडो जाने रे सुन्दर मारी काया,
 मायलो जाने रे अमर मारी काया जी,

लोभीडो जाने रे सुन्दर मारी काया,
धन रे जोबन बादल वाली छाया जी,
थोडा जीवना रे खातीर काई जोडे माया,
मायलो जाने रे अमर मारी काया जी ।।