Wednesday, June 24, 2026

 जरा धीरे धीरे गाड़ी हांको
 मोरे राम गाड़ीवाले,


 जरा हल्के गाड़ी हांको
 मोरे राम गाड़ीवाले

 या गाड़ी म्हारी रंग रंगीली,
 पहिया लाल गुलाल
 फागुन वालो छैल छबीलो
 और बैठन वाले दाम


 देस देस का वैद बुलाया,
 लाया जड़ी और बूटी जड़ी़
और बूटी कुछ काम ना आई,
 जब राम के घर टूटी

 चार कहार मिलि उठायो,
 दु‍ई काठ की जोड़ी ल‍ई
 जा मरघट पे रख दई
और फूंक दी‍ए जस होली

 जरा हल्के गाड़ी हांको
 मोरे राम गाड़ीवाले