Sunday, June 7, 2026

श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया ।।

 ऐसी वो रंग दे रंग नाई छूटे,
 धोबनिया धोये चाहे सारी उमरिया।
 श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया ।।

 बिना रंगाये बाहर ना जाऊँ,
 चाहे तो बीत जाए सारी उमरिया।
 श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया ।।

 लाल न ओढूँ पीली न ओढूँ,
 ओढूँगी श्याम तेरी काली कमलिया।
 श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया ।।


 गागर जो भर दे, सिर पे जो धर दे,
 चलके बता दे श्याम तेरी नगरिया।
 श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया ।।

 बाई मीरा कहे गिरधर नागर,
 हरि के चरण चित्त लागी रे लगनिया।
 श्याम पिया मोरी रंग दे चुनरिया ।।