आओ आज पधारो,
पार्वती के प्यारे
हे शिव शंकर के दुलारे
हे गणनायक, हे लम्बोदर,
सब देवो से न्यारे
प्रथम मनाये आपको,
करे तुम्हारी पूजा।
सब देवो में तुमसा और
नहीं कोई दूजा।
सफल बनाओ आकर के तुम
बिगड़े कम हमारे॥
आओ आज पधारो,
पार्वती के प्यारे
हे शिव शंकर के दुलारे