Monday, June 8, 2026

सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया ।
 दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया ॥

 एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा ।
 तीसरा नज़रें मिलाना, दिल दीवाना हो गया ॥

 एक तो तेरे होंठ पतले, दूसरा लाली लगी ।
 तीसरा तेरा मुस्कुराना, दिल दीवाना हो गया ॥


 एक तो तेरे हाथ कोमल, दूसरा मेहँदी लगी ।
 तीसरा मुरली बजाना, दिल दीवाना हो गया ॥

 एक तो तेरे पाँव नाज़ुक, दूसरा पायल बंधी ।
 तीसरा घुंगरू बजाना, दिल दीवाना हो गया ॥

 एक तो तेरे भोग छप्पन, दूसरा माखन धरा ।
 तीसरा खिचडे का खाना, दिल दीवाना हो गया ॥

 एक तो तेरे साथ राधा दूसरा रुक्मण खड़ी ।
 तीसरा मीरा का आना, दिल दीवाना हो गया ॥


 एक तो तुम देवता हो, दूसरा प्रियतम मेरे ।
 तीसरा सपनों में आना, दिल दीवाना हो गया ॥