Monday, June 8, 2026

आदमी मुसाफिर है आता है जाता है
 आते जाते रस्ते में यादे छोड़ जाता है

 झोका हवा का पानी का रेला
 मेले में रह जाये जो अकेला

 फिर वो अकेला ही रह जाता है
 आदमी मुसाफिर है आता है जाता है

 आते जाते रस्ते में यादे छोड़ जाता है
 कब छोड़ता है ये रोग जी को

 दिल भूल जाता है जब किसी को
 वो भूलकर भी याद आता है

 आदमी मुसाफिर है आता है जाता है
 आते जाते रस्ते में यादे छोड़ जाता है