Monday, June 8, 2026


सुखकर्ता दुखहर्ता वार्ता विघ्नाची।
 नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची॥
 सर्वांगी सुंदर उटी शेंदुराची।
 कंठी झळके माळ मुक्ताफळांची॥
 जय देव, जय देव जय देव,
जय देव, जय मंगलमूर्ती,
 हो श्री मंगलमूर्ती दर्शनमात्रे
मन कामनापु्र्ती
 जय देव, जय देव