| 7564577474749989---- रानी तेरो चिर जियो गोपाल बेगि बढ़यो बड़ी होय विरध लट, महरी मनोहर बाल | चिर जियो गोपाल… उपजि परयो यह कूंखी भाग्य बल, समुद्र सीप जैसे लाल सब गोकुल के प्राण जीवन धन बैरन के उरसाल | चिर जियो गोपाल… सूर की तो जिय सुख पावत है, निरखत श्याम तमाल रज आरज लागो मेरी अखियाँ, रोगे दोष जंजाल | चिर जियो गोपाल… *** दृढ इन चरण कैरो भरोसो, दृढ इन चरणन कैरो । श्री वल्लभ नख चंद्र छ्टा बिन, सब जग माही अंधेरो ॥ साधन और नही या कलि में, जासों होत निवेरो ॥ सूर कहा कहे, विविध आंधरो, बिना मोल को चेरो ॥ jyuyuy67576575675676 |
|---|