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Monday, October 2, 2023

कुण म्हाने प्रेम जल पावै

               
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गुरू सा बिना कुण म्हाने प्रेम जळ पावे,
कूपां रो नीर किण विध सूखे,
सीर सायरया सूं आवे,
गुरू सा बिना कुण म्हाने प्रेम जळ पावे।

 करमां री जहाजां दो प्रकारा
, शुभ अशुभ कहावे,
 अशुभ करम ने मार हटावे,
अरे, राम नाम चित्त लावे,
 गुरू सा बिना कुण तो प्रेम जळ पावें,

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सतगुरु म्हारां चंदन समाना,
धिन गुरु म्हारा, चंदन समाना,
 फूल वासना लावे,
 दाता म्हारां चंदन स्वरूपी,
फूल वासना देवे,
 लिपटयोड़ा भुजंग मगन होइ जावे,
 कदे छोड़ नहीं जावै,
गुरू सा बिना कुण म्हाने प्रेम जल पावै,
 सतगुरु म्हारां भँवर स्वरूपी,
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दाता म्हारा, भँवर स्वरूपी,
 कीट पकड़ ने लावे,
दे घर नाटो शब्द सुनावै,
होइ भँवर उड़ जावे,
 गुरू सा बिना कुण म्हाने प्रेम जल पावै,


दूध माहीं घृत मेहंदी में लाली,
ज्ञान गुरूसा सूं आवे,
कहत कबीर सुणो भाई साधों,
भाग पुरबला पावे,

 गुरू सा बिना कुण म्हाने प्रेम जल पावै,
 कूपां रो नीर किण विध सूखे,
 सीर सायरया सूं आवै,
 गुरू सा बिना कुण प्रेम जळ पावै जी।

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