Sunday, October 1, 2023

हमारे साथ श्री रघुनाथ

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हमारे साथ श्री रघुनाथ तो
 किस बात की चिंता ।
 शरण में रख दिया जब माथ
 तो किस बात की चिंता
 किया करते हो तुम दिन रात
क्यों बिन बात की चिंता ।

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 तेरे स्वामी को रहती है,
 तेरे हर बात की चिंता ।
 हमारे साथ श्री रघुनाथ
तो किस बात की चिंता ।
 हामारे साथ श्री रघुनाथ तो
 किस बात की चिंता ।

 न खाने की, न पीने की,
 न मरने की, न जीने की ।
 रहे हर स्वास में भगवान के,
 प्रिय नाम की चिंता ।
 हमारे साथ श्री रघुनाथ तो
 किस बात की चिंता ।

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 विभीषण को अभय वर दे किया
 लंकेश पल भर में ।
 उन्ही का हाँ कर रहे गुण गान
तो किस बात की चिंता ।
 हमारे साथ श्री रघुनाथ तो
 किस बात की चिंता ।

 हुई भक्त पर किरपा,
 बनाया दास प्रभु अपना ।
 उन्ही के हाथ में अब हाथ
तो किस बात की चिंता ।
 हमारे साथ श्री रघुनाथ
तो किस बात की चिंता ।


 शरण में रख दिया जब माथ
तो किस बात की चिंता ।
 किया करते हो तुम दिन रात
क्यों बिन बात की चिंता ।  
 
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