Wednesday, September 6, 2023

खरनाल्या रा चौधरी

 खरनाल्या रा चौधरी और धोल्यो कहजे जाट

अन्न धन्न का भंडार भरया जा रे सभी बाता को ठाट

भक्ति मिलती देही के दाग लगायो
सुन सावत सुरा थारे हाथ काई आयो
थारी बच गयी प्यारी जान करे तू क्यूँ चाला
गुण करता ओगण मानयो बास बिछाला

थारे रास्ते चलता या कई मॅन में आई
म्हारी पेट री जसाणी तू क्यूँ जान बचाई
म्हारी लगी बदन में आग तो सही नही जाए
थे करयो कितनो बडो अन्याय समझ में ना आई

तुझे जलता देख कर सोच मति माही आयो
इस बाला की अग्नि से बाहर काड भगायो
मैं करी भलाई तू क्यूँ दोष लगायो
नेकी करता कोई बदनामी को दर्ज़ो पायो

थारी बच गयी प्यारी जान राम रखवाला
गुण करता ऑगण मानयो बास बिचारा
देही के लाग्यो दाग क्रोध मंन आवे
म्हारी पेट ऱगसणी उमर बीती जावे

मन्‍ने हुया भरसी बत्तीस जीव घबरावे
इन दुख से म्हारो पेट घनो दुख पावे
इस सर्प जोनी में घनो तो घनो दुख पायो
सुन सावत सुरा थारे हाथ काई आयो

या सुनकर थारी बात घनो पछतायो
सुन बाछल बाबा हुरिया खाल खिछाउ
कर न्यारा न्यारा सुखी मजो मैं बताउ
तन्‍ने कर दू भेलो भूल अठा से ज़ाउ