प्रीत गुरारी भली रे! रावलिया जोगी , अलबेला जोगी.... मस्ताना जोगी , प्रीत गुरारी भली । लवना लागी ज्यारी भ्रमना भागी । सुरता शब्द में मिली. रावलिया जोगी प्रीत गुरारी भली ॥
अड़ा रे उड़द बीच मंडी रे बजारा सोहंग जोत जली, रावलिया जोगी. प्रीत गुरारी भली । चंचल नाथ चरणे लुम्बनाथ बोले , संगत संतो री भली- प्रीत गुरारी भली- vcvcvcvcvcvcvcvcvcvcvvcvcccv |
|---|