Saturday, June 6, 2026

जिन्हा दे सिर उत्ते हाथ गुरा दा,
 उन्हानु काहदा डर वे लोगों ,

जिन्हाने डोरा सतगुरु ते छड़ियां 
ओ ही तं लांघदे ने पार वे लोगों

 गुरा दे द्वारे आके मांगणो ना संगिये,
 उन्हा दे कोलो बस नाम ही मांगिये,

 जिन्हा दे वन गये ने सतगुरु मालिक,
उन्हानु काहदा डर वे लोगों 

दुःख आवे सुख आवे हस के गुजारिये,
 हर वेले दाता दा शुकर गुजारिये,

 जिन्हा दे पल्ले सिद्क़े दी पूंजी
उन्हानु काहदा डर वे लोगों 

इस झूठे जग कोलो पल्ला छुड़ा लाईये,
 सतगुरु प्यारे नु अपनी बाहा फडा लाईये,

 जिन्हा ने सत्गुरा ते सुटियाँ डोरा,
उन्हानु काहदा डर वे लोगों 

सतगुरु दे प्यारेयां नू थोड़ नहियो रेहन्दी ए 
जग दे सहारेयां दी लोड नहियो रेहन्दी ए 

जिन्हांदे दिल विच वास गुरां दा 
उन्हानु काहदा डर वे लोगों 

 जिन्हांदे सिर उत्ते हाथ गुरां दा
 उन्हानु कहदा डर वे लोगों 

जिन्हाने डोरा सतगुरु ते छड़ियां 
ओ ही तं लांघदे ने पार वे लोगों