हँस कर पार्वती ,
शिव जी ने वचन सुनावती जी।
स्वामी मैं ना होती तो थाने कुण ब्यावती जी
थारा लम्बा लम्बा केश ,
थारो अति भयानक भेष
थारे गल विच कालो शेष
थाने देख्या ही अबला नारी डर जावती जी
स्वामी मैं ना होती तो थाने कुण ब्यावती जी 1
थारो बूढ़ो वाहन बैल ,
थारे भूत पलीत रेवे गेल ,
थारो डमरू बाजे सुरेल ,
थाने देख्या ही सूंदर नारी शरमावती जी
स्वामी मैं ना होती तो थाने कुण ब्यावती जी 2
था तो सीख्यो ना माखन खाबो ,
था तो आक धतूरा चाबो ,
थारे तन पे नहीं है गाबो,
थारे कोड़ी नहीं है पास में लखावती जी
स्वामी मैं ना होती तो थाने कुण ब्यावती जी 3