कायर जीव कांपे दिल मारो
कायर जीव कांपे दिल मारो
सिर पे हाथ धरो सा
गुराँसा मोपे महर करो सा
१ लख चौरासी में घणो दुःख पायो ,
नानी जूण धरि सा
अबके तो आय पड्यो गुरु चरणा
मोपे महर करो सा
2 गुरु बिन साय करे कुण जीव की ,
करोड़ उपाय करो सा ,
काटो करम भ्रम सब मेटो ,
अब मत देर करो सा
3 पारस देख लोहा को मन हरषे ,
कर्मा का कीट जड़ो सा ,
काया सोना ने करो हॉलमो
नौसर हार करो सा
4 कहे कबीर सा फ़क़ीर मोटा ,
हे कोटि निवण करू सा,
रामानंद गुरु दया विचारो
भव से तो पर करो सा