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Thursday, June 4, 2026

साँवरिया का दर पे देखो , घणा जातरी आया। 

   


   

साँवरिया का दर पे देखो ,

घणा जातरी आया। 

कोई मांगे काली गाडी ,

कोई धन ओर माया ,

कोई मांगे गौरी लाडी ,

कोई सुन्दर काया। १। 

साँवरिया का दर पे देखो ,

घणा जातरी आया। 

कोटि कोटि धन निपजे जी  ,

दिन दिन होय सवाया ,,

रोज नवा सिणगार धरावै 

मनडा ने है लुभाया  । २। 

साँवरिया का दर पे देखो ,

घणा जातरी आया। 

रोज रोज को मेळो लागे ,

 भीड़ का पार न पाया  ,

घुड़ता पड़ता धक्का खाता 

थांके दर पे आया । ३।

साँवरिया का दर पे देखो ,

घणा जतरी आया। 

"अविराज" की विनती दाता ,

         अवगुण मेरा भुलाया ,           

 जो कुछ है सो आप दियो दाता  ,

सूता आय जगाया।  ।   

Lyrics By AVIRAJ