मैंरे श्री राम मुझे चरणों में पनाह देना।
मैंरे श्री राम मुझे चरणों में पनाह देना।
जो भटक जाऊं कभी , दिल में इशारा देना ,
थाम कर हाथ मेरा राह पे लौटा लेना।
लोग कहते है कि हे राम तुम दयालु हो ,
क्यूँ किरपा की नजर फिर हम तलक न आती है।
तेरी किरपा के सुने हैं कई किस्से मैंने ,
क्यूँ महर की नजर फिर हम तलक न आती है।
हाँ मैं पापी हूँ अधमी हूँ अपना लेना ,
थाम कर हाथ मेरा राह पे लौटा लेना।
मैंरे श्री राम मुझे चरणों में पनाह देना।
जो भटक जाऊं कभी , दिल में इशारा देना ,
थाम कर हाथ मेरा राह पे लौटा लेना।
तुमने तारे हैं कई लाख यों बहाने से ,
हम तेरी राह यों ही रोज तके जाते है।
तेरी मुस्कान की कायल हैं दुनियां सारी ,
तेरे दीदार को तरस तरस ही जाते है।
कर के कोई भी बहाना हमे अपना लेना
थाम कर हाथ मेरा राह पे लौटा लेना।
मैंरे श्री राम मुझे चरणों में पनाह देना।
जो भटक जाऊं कभी , दिल में इशारा देना ,
थाम कर हाथ मेरा राह पे लौटा लेना।
Lyrics By AVIRAJ