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Wednesday, June 10, 2026

आप बिना मोरी कोन खबर ले . 
सावरियो गिरधारी रे ॥ 

मंझारी सुत दिया अग्न में,
 करुणा करे कुमारी रे।
 चार बरतन प्रभु कोरा राखिया,
 खेलत सुत मनजारी रे ॥

 आप बिना मोरी कोन खबर ले .
 सावरियो गिरधारी रे ॥

 गज और ग्राह लड़े जल भीतर
 लड़ते-लड़त गज हारी रे।
 तिल भर सुंठ रही जल बाहर
 रामो राम पुकारी रे ॥

 आप बिना मारी कौन खबर ले. 
सांवरियो गिरधारी रे ॥ 

टीयू-२ करती आई टीतोडी, 
भारत रचियो भारी । 
भारत मे भवरी रा ईडा, 
सिर पर घंटा डारी ॥ 

आप बिना मोरी कोन खबर ले.
 सावरियो गिरधारी रे ॥

 द्रोपदी चीर द्वशासन खेचयो, 
पांच पांडव घर नारी रे। 
खेचत चीर असंगज बढ़ियो,
 लाज राखी बनवारी रे ॥

 आप बिना मोरी कोन खबर ले. 
सावरियो गिरधारी रे ॥

 इन्द्र कोप कियो ब्रज उपर, 
बरसीयो मूसलधारी ।
 गोपी ग्वालों ने तार दिया 
प्रभुनख पर गिरवर धारी ॥ 

आप बिना मोरी कोन खबर ले. 
सावरियो गिरधारी रे ॥ 

आगे भक्त अनेक ऊबारिया 
अब के बेल हमारी रे।
 कड़े नरसी सुणो सांवरा 
राखो लाज हमारी रे ॥ 

आप बिना मारी कौन खबर ले.
 सांवरियो गिरधारी रे ॥