←Back

Showing posts with label जसोदा हरि पालनैं झुलावै. Show all posts
Showing posts with label जसोदा हरि पालनैं झुलावै. Show all posts

Monday, October 2, 2023

जसोदा हरि पालनैं झुलावै

  hghf6546356564656465          
 जसोदा हरि पालनैं झुलावै ।

 हलरावै, दुलराइ मल्हावै,
 जोइ-जोइ कछु गावै॥
 मेरे लाल कौं आउ निंदरिया,
 काहैं न आनि सुवावै
gffgfdgd gffgfgfsgr
 तू काहैं नहिं बेगहिं आवै,
 तोकौं कान्ह बुलावै॥
 कबहुँ पलक हरि मूँदि लेत हैं,
 कबहुँ अधर फरकावै ।
654565465655
 सोवत जानि मौन ह्वै कै रहि,
 करि-करि सैन बतावै॥
 इहिं अंतर अकुलाइ उठे हरि
 जसुमति मधुरैं गावै ।

 जो सुख सूर अमर-मुनि दुरलभ,
 सो नँद-भामिनि पावै॥
 
         ghgfhfghgfhfghghghhghgfh