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जोबन धन प्रांमणा रे दोई दिन चारा.
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जोबन धन प्रांमणा रे दोई दिन चारा.
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जोबन धन पामणा दिन चारा
जेरो गरव मत करो रे गंवारा
हाड रे मांस रा बनया रे पिंजरा
भीतर भरया रे भंगारा
ऊपर रंग सुचंग चढ़ाया
कारीगर है किलतारा जोबन धन पामणा रे… jjjhgjghjghjhjhg पशु रे चाम रा बनया रे पनईया
नौबत बनया रे नगारा
नर तेरी चाम काम नहींआवे
बड़ जल हुआ रे अंगारा
जोबन धन प्रामणा रे…
दस शीश जेरा बीस भुजावा रिद्धि सिद्धि बहु परिवारा
एवा रे नर गरब माँ गळ गया
लंका रा पति सिरदारा
सपने री माया
सुकृत करो रे व्यवहारा
कहत कबीर सुनो भाई साधो
भव जल से उतरो पारा जोबन धन पामणा रे… gfgdffdgfd76767fdfd4545
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