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Wednesday, June 24, 2026

 तन के तम्बूरे में
 दो साँसों के तार बोले 
 जय सिया राम-
जय राधे शाम-

 अब तो इस मन के मंदिर
 में प्रभु का हुआ बसेरा,
 प्रभु का हुआ बसेरा मगन हुआ
मन मेर छूटा जनम-का फेरा,
 मन की मुरलिया में
 सुर का सिंगार बोले –
 जय सिया राम-
 जय राधे शाम-
87876878787
 तन के तम्बूरे में
 दो साँसों के तार बोले –
 लगन लगी लीलाधारी से
 जगी रे जगमग ज्योति,
 राम नाम का हिरा पाया
 श्याम नाम का मोती,
 प्यासी दो अंखियो में
 आसुओं की धार बोले –
 जय सिया राम-
 जय राधे शाम-

 तन के तम्बूरे मे
 दो साँसों के तार बोले