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Sunday, July 5, 2026

हुई सफल कमाई महाराज

  

हुई सफल कमाई महाराज,
भरतरी थारी, भरतरी ओ थारी ।
मालिक रे कारण जोग फकीरी धारी ।
ईश्वर रे कारण जोग फकीरी धारी ॥

राजा सुतो महल के माहीं ,
तरषणा जागी, तरषणा ओ जागी ।
ज्यां ने मिल गया गोरख नाथ,
भरमना ओ भागी ॥
हुई सफल कमाई महाराज..

राजा गयो जंगल रे माँय,
दे रयो हेला, दे रयो हेला ।
ज्यां ने मिल गया गोरख नाथ,
मूड लिया चेला ॥
हुई सफल कमाई महाराज..

राजा जावो शहर रे माँय
,दे आवो फेरी, दे आवो फेरी ।
पिंगळा ने कहिजो मात,
करो मत देरी ॥
हुई सफल कमाई महाराज.
.
राजा गयो महल रे माँय,
दे रयो फेरी, दे रयो फेरी ।
भिक्षा घालो पिंगळा मात,
मत करो देरी ॥
हुई सफल कमाई महाराज.

राणी खड़ी महल रे माँय,
लटिया तोड़े, 
लटिया तोड़े ।
राजा एक दिन पकड्यो हाथ,
प्रीत काँई तोड़े ॥
हुई सफल कमाई महाराज..

राणी खड़ी ड्योढ़ी के बीच,
कलप रही काया, 
कलप रही काया ।
थारा मरजो गोरख नाथ,
राज छुड़वाया ॥
हुई सफल कमाई महाराज..

राणी मत दे गुरुने गाळ,
करम रेखा न्यारी, करम रेखा न्यारी ।
म्हारे लिखिया विधाता लेख,
टरे नहीं टारी ॥
हुई सफल कमाई महाराज..

एक सोहन शिखर रे बीच,
सांकड़ी सेरी, सांकड़ी सेरी ।
ए गावे जरणानाथ,
भजन रा ओ लहरी ॥

हुई सफल कमाई महाराज,
भरतरी थारी,
 भरतरी ओ थारी ।
मालिक रे कारण जोग फकीरी धारी ।
ईश्वर रे कारण जोग फकीरी धारी ॥ 

Saturday, July 4, 2026

हुई सफल कमाई महाराज

    

हुई सफल कमाई महाराज, 

  भरतरी थारी,
भरतरी ओ थारी ।
 मालिक रे कारण
जोग फकीरी धारी ।
ईश्वर रे कारण
जोग फकीरी धारी ॥


 राजा सूतो महल रे माँय,
तरषणा जागी,
 तरषणा ओ जागी ।
ज्यां ने मिल गया गोरख नाथ,
भरमना ओ भागी ॥
 हुई सफल कमाई महाराज..

 राजा गयो जंगल रे माँय,
 दे रयो हेला,
 दे रयो हेला ।
ज्यां ने मिल गया
 गोरख नाथ,
मूड लिया चेला ॥
हुई सफल कमाई महाराज..

 राजा जावो
शहर रे माँय,
 दे आवो फेरी,
दे आवो फेरी ।
 पिंगळा ने कहिजो मात,
करो मत देरी ॥
हुई सफल कमाई महाराज..

 राजा गयो
 महल रे माँय,
दे रयो फेरी,
 दे रयो फेरी ।
भिक्षा घालो पिंगळा मात,
मत करो देरी ॥


हुई सफल कमाई महाराज..

 राणी खड़ी
महल रे माँय,
लटिया तोड़े,
लटिया तोड़े ।
 राजा एक दिन
 पकड्यो हाथ,
प्रीत काँई तोड़े ॥

हुई सफल कमाई महाराज..

 राणी खड़ी ड्योढ़ी के बीच,
 कलप रही काया,
कलप रही काया ।
 थारा मरजो गोरख नाथ,
राज छुड़वाया ॥


हुई सफल कमाई महाराज..

 राणी मत दे गुरुने गाळ,
करम रेखा न्यारी,
 करम रेखा न्यारी ।
 म्हारे लिखिया विधाता लेख,
 टरे नहीं टारी ॥


 हुई सफल कमाई महाराज..

 एक सोहन शिखर रे बीच,
 सांकड़ी सेरी, सांकड़ी सेरी ।
 ए गावे जरणानाथ,
भजन रा ओ लहरी ॥

 हुई सफल कमाई महाराज,

भरतरी थारी,
 भरतरी ओ थारी ।
मालिक रे कारण जोग फकीरी धारी ।
 ईश्वर रे कारण जोग फकीरी धारी ॥