हुई सफल कमाई महाराज
हुई सफल कमाई महाराज,
भरतरी थारी,
भरतरी ओ थारी ।
मालिक रे कारण
जोग फकीरी धारी ।
ईश्वर रे कारण
जोग फकीरी धारी ॥
राजा सूतो महल रे माँय,
तरषणा जागी,
तरषणा ओ जागी ।
ज्यां ने मिल गया गोरख नाथ,
भरमना ओ भागी ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
राजा गयो जंगल रे माँय,
दे रयो हेला,
दे रयो हेला ।
ज्यां ने मिल गया
गोरख नाथ,
मूड लिया चेला ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
राजा जावो
शहर रे माँय,
दे आवो फेरी,
दे आवो फेरी ।
पिंगळा ने कहिजो मात,
करो मत देरी ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
राजा गयो
महल रे माँय,
दे रयो फेरी,
दे रयो फेरी ।
भिक्षा घालो पिंगळा मात,
मत करो देरी ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
राणी खड़ी
महल रे माँय,
लटिया तोड़े,
लटिया तोड़े ।
राजा एक दिन
पकड्यो हाथ,
प्रीत काँई तोड़े ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
राणी खड़ी ड्योढ़ी के बीच,
कलप रही काया,
कलप रही काया ।
थारा मरजो गोरख नाथ,
राज छुड़वाया ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
राणी मत दे गुरुने गाळ,
करम रेखा न्यारी,
करम रेखा न्यारी ।
म्हारे लिखिया विधाता लेख,
टरे नहीं टारी ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
एक सोहन शिखर रे बीच,
सांकड़ी सेरी, सांकड़ी सेरी ।
ए गावे जरणानाथ,
भजन रा ओ लहरी ॥
हुई सफल कमाई महाराज,
भरतरी थारी,
भरतरी ओ थारी ।
मालिक रे कारण जोग फकीरी धारी ।
ईश्वर रे कारण जोग फकीरी धारी ॥
भरतरी थारी,
भरतरी ओ थारी ।
मालिक रे कारण
जोग फकीरी धारी ।
ईश्वर रे कारण
जोग फकीरी धारी ॥
राजा सूतो महल रे माँय,
तरषणा जागी,
तरषणा ओ जागी ।
ज्यां ने मिल गया गोरख नाथ,
भरमना ओ भागी ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
राजा गयो जंगल रे माँय,
दे रयो हेला,
दे रयो हेला ।
ज्यां ने मिल गया
गोरख नाथ,
मूड लिया चेला ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
राजा जावो
शहर रे माँय,
दे आवो फेरी,
दे आवो फेरी ।
पिंगळा ने कहिजो मात,
करो मत देरी ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
राजा गयो
महल रे माँय,
दे रयो फेरी,
दे रयो फेरी ।
भिक्षा घालो पिंगळा मात,
मत करो देरी ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
राणी खड़ी
महल रे माँय,
लटिया तोड़े,
लटिया तोड़े ।
राजा एक दिन
पकड्यो हाथ,
प्रीत काँई तोड़े ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
राणी खड़ी ड्योढ़ी के बीच,
कलप रही काया,
कलप रही काया ।
थारा मरजो गोरख नाथ,
राज छुड़वाया ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
राणी मत दे गुरुने गाळ,
करम रेखा न्यारी,
करम रेखा न्यारी ।
म्हारे लिखिया विधाता लेख,
टरे नहीं टारी ॥
हुई सफल कमाई महाराज..
एक सोहन शिखर रे बीच,
सांकड़ी सेरी, सांकड़ी सेरी ।
ए गावे जरणानाथ,
भजन रा ओ लहरी ॥
हुई सफल कमाई महाराज,
भरतरी थारी,
भरतरी ओ थारी ।
मालिक रे कारण जोग फकीरी धारी ।
ईश्वर रे कारण जोग फकीरी धारी ॥