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Monday, November 27, 2023

मुझ में हर रंग अब तुम्हारा है

                                                                                           
 मंजिल मिली,
मुराद मिली,मुदा मिला,
 सब कुछ मुझे मिला,
 जो तेरा नक्श-ऐ-पा मिला |
 जब दूर तक ना कोई,
 फकीर आशना मिला,
 तेरा नियाज़-मंद,
 तेरे दर से जा मिला |

 मुझ में हर रंग अब तुम्हारा है,
 अब तो कह दो, के तू हमारा है |
 आलम-ऐ-शोक में, ना जाने क्यों,
 मेने हर दम, तुम्हें पुकारा है |


 तू तो सब ही के पास है मोजूद,
 कोन कहता है, तू हमारा है |
 तेरे सदके में ये तमाम जहान,
 अपनी ठोकर पे मेने मारा है |
 राज़ को राज़ क्यों समझते हो,
 राज़ दुनिया पे आशिकारा है |