Monday, November 27, 2023

उनके दर पे पहुचने तो पायें

                                                                                         
 उनके दर पे पहुचने तो पायें,
 ये न पूछो की हम क्या करेंगे

 सर झुकाना अगर जुर्म होगा,
 हम निगाहों से सजदा करेंगे

 बात भी तेरी रखनी है साकी,
 ज़र्फ़ को भी न रुसवा करेंगे

 जाम दे या न दे आज हमको,
 मयकदे में सवेरा करेंगे

 इस तरफ अपना जलेगा,
 उस तरफ उनकी महफ़िल सजेगी
 हम अँधेरे को घर में बुलाकर,
 उनके घर में उजाला करेंगे

 बात तर्क-ए-तआल्लुक की अनवर,
 इतना एहसास-ए-रस्मे-वफ़ा है

 आखिरी सांस तक भी हम उनसे,
 बेरुखी का न शिकवा करेंगे