Monday, November 27, 2023

इश्क में तेरे सब गंवारा है,

                                                                                         
 इश्क में तेरे सब गंवारा है,
 नाम हर पल तेरा पुकारा है।

 जिंदगी को कहाँ सँवारा है,
 तू है गर साथ तो नजारा है।

 रात मावस सी है यहाँ फैली,
तेरा होना यहाँ उजाला है।


 फूल की आस है खिले मिल के ,
बागबाँ तू बना हमारा है।

 रंज ओ गम सदा सदा भूले,
 दर ये तेरा बना सहारा है।

 हाँ पिला साकी हूँ बना तेरा ,
 होंश में फिर किसे युँ आना है।

 हर तरफ तू ही तू नजर आए,
 एक तेरा मेरा सा साया है।

 इश्क "अविराज" जो किया तुमने,
 बच निकलने का बन्द द्वारा है।