ले रे नाम ले रे नाम
ले रे नाम ले रे नाम - नाम से तरे रे भाई
मनक जमारो थारे फिर न मिले ।
नुगरा के माला दई दी फेंकतो फिरे
अज्ञानी के ज्ञान दईद्यो तो बकतो फिरे ।
ले रे नाम ले रे नाम - नाम से तरे रे भाई
मनक जमारो थारे फिर न मिले ।
बांदरा के हीरा मिल गयोतो घट्टी में दले
केशर कस्तुरी लई ने तेल में तले ॥
ले रे नाम ले रे नाम - नाम से तरे रे भाई
मनक जमारो थारे फिर न मिले ।
टोली को बिछुड़ो हरनो एकलो फिरे
मंडली को संग बिछड़यो चौरासी फिरे ॥
ले रे नाम ले रे नाम - नाम से तरे रे भाई
मनक जमारो थारे फिर न मिले ।
बिच्छू का मंतर नहीं जाणे काला से अड़े
अनुभव से मै यों कहे सतनाम से तिरे ।
ले रे नाम ले रे नाम - नाम से तरे रे भाई
मनक जमारो थारे फिर न मिले ।
त्रिकुटी महल में वा जोत जले
कहै कबीर सच्ची सैण से मिले ।
ले रे नाम ले रे नाम - नाम से तरे रे भाई
मनक जमारो थारे फिर न मिले ।