Sunday, June 7, 2026

 ले रे नाम ले रे नाम




 ले रे नाम ले रे नाम - नाम से तरे रे भाई
 मनक जमारो थारे फिर न मिले ।

 नुगरा के माला दई दी फेंकतो फिरे 
 अज्ञानी के ज्ञान दईद्यो तो बकतो फिरे ।


 ले रे नाम ले रे नाम - नाम से तरे रे भाई
 मनक जमारो थारे फिर न मिले ।

  बांदरा के हीरा मिल गयोतो घट्टी में दले
 केशर कस्तुरी लई ने तेल में तले ॥


 ले रे नाम ले रे नाम - नाम से तरे रे भाई
 मनक जमारो थारे फिर न मिले । 

टोली को बिछुड़ो हरनो एकलो फिरे
 मंडली को संग बिछड़यो चौरासी फिरे ॥


 ले रे नाम ले रे नाम - नाम से तरे रे भाई
 मनक जमारो थारे फिर न मिले । 

बिच्छू का मंतर नहीं जाणे काला से अड़े
 अनुभव से मै यों कहे सतनाम से तिरे ।


 ले रे नाम ले रे नाम - नाम से तरे रे भाई
 मनक जमारो थारे फिर न मिले । 

त्रिकुटी महल में वा जोत जले
 कहै कबीर सच्ची सैण से मिले ।


 ले रे नाम ले रे नाम - नाम से तरे रे भाई
 मनक जमारो थारे फिर न मिले ।