Sunday, June 7, 2026

 हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे जी।

हिण्डो तो घलादे सतगुरु म्हारा बाग मे जी।
 सतगुरु म्हारा, हिण्डे-हिण्डे सुरता नार ॥


 काया तो नगरिये मे सतगुरु म्हारा आमली जी।
 सतगुरु म्हारा छायी छायी च्यारुँ मेर ॥

 अगर-चंदन को सतगुरु म्हारा पालणो जी।
 सतगुरु म्हारा रेशम डोर घलाय ॥

 पाँच सखी मिल पाणीड़े न निसरी जी।
 सतगुरु मेरा पाँचू ही एक उणियार ॥

 नाथ गुलाब से सतगुरु म्हारा विनती जी।
 सतगुरु मेरा गावै-गावै भानीनाथ ॥