Sunday, October 1, 2023

हंसा जगमग जगमग होई

               
          jyjyjy jjyj7676jyjy898ndddd   
  हंसा जगमग जगमग होई,
 हंसा जगमग जगमग होइ।

 बिन बादर जहँ बिजली चमकै,
 अमृत वर्षा होई,
 ऋषि मुनि देव करैं रखवारी,
 पिये न पावै कोई,

 हंसा जगमग जगमग होई,
 हंसा जगमग जगमग होइ।

 राति दिवस जहँ अनहद बाजै,
धुनि सुनि आनँद होई,
 जोति बरै साहिब के निसु दिन,
 तकि तकि रहत समोई,


 हंसा जगमग जगमग होई,
 हंसा जगमग जगमग होइ।

 सार शब्द की धुनी उठत है,
 बूझै बिरला कोई,
 झरना झरै जूह के नाके,
 पियत अमर पद होई,


 हंसा जगमग जगमग होई,
 हंसा जगमग जगमग होइ।

 साहिब कबिर प्रभु मिले बिदेही,
 चरनन भक्ति समोई,
 चेतनवाला चेत पियारे,
 नहिं तौ जात बहोई,


 हंसा जगमग जगमग होई,
 हंसा जगमग जगमग होइ।    

            gfkhk terre7687 esgsgg4bs45s