मत बांधो गठरिया अपजश के
gghdf345jk 6463443264 मत बांधो गठरिया अपजश की ,
धरम छोड़ी अधर्म को ध्यायो, धरम छोड़ी अधर्म को ध्यायों, नैया डुबायो जनम भर की,
मत बांधो गठरिया अपजश के,
,
भाई बंधू परिवार कुटुंब सब, भाई बंधू परिवार कुटुंब सब,
ये सब अपने मतलब के,
मत बांधो गठरिया अपजश के,
gfddfgfg जानी युवा घटा गहरानी,
जानी युवा घटा गहरानी,
हुवे बदनामी जनम भर की, मत बांधो गठरिया अपजश के,
कहत कबीर सुनों भाई साधो, कहत कबीर सुनों भाई साधो, निकला साँस नहीं बस के, मत बांधो गठरिया अपजश के, ffdfdgdfgfdgdf5 4433gg5 fgfgfgfgfgfgdffg65654f
|
|