Saturday, June 13, 2026

 इतळ पीतळ रो भर लाई बेवड़ो रे
 झांझरिया मारा छैल
 कोई कांख मेला टाबरिया री आन
 मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये

 सासू बोले छे म्‍हाने बोलणा रे
 झांझरिया मारा छैल
कोई बाईसा देवे रे म्‍हाने गाल
 मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये

 आया बीरो सा म्‍हाने लेवा ने रे
झांझरिया मारा छैल
 ज्‍यारी कांई कांई करूं मनवार
मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये

 थारे मनाया देवन ना मानूं रे
झांझरिया मारा छैल
 थारा बड़ोडा़ बीरोसा ने भेज
 मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये

 काळी पड़गी रे मन की कामळी
 रे झांझरिया मारा छैल
 म्‍हारा आलीजा पे म्‍हारो सांचो जीव
 मैं जाऊं रे जाऊं रे सासरिये