Thursday, July 16, 2026
Sunday, July 5, 2026
म्हारी सवा लाख री लूम
म्हारी सवा लाख री लूम
गम गयी इण्डूणी
औ इण्डूणी रे कारणे
म्हारी सासू ताना देय
गम गयी इण्डूाणी
ओ इण्डूणी रे कारणे
म्हारो ससुरा रूसो जाय
गम गयी इण्डूणी
ओ इण्डूणी रे कारणे
गयी नणद कुंआ में कूद
गम गयी इण्डूणी
ओ इण्डूणी रे कारणे
म्हारो देवर लड़े लड़ाई
ओ इण्डूणी रे कारणे
गम गयी इण्डूणी
मिश्री को बाग़ लगादे रसिया
नीम की निमोड़ी म्हाने खारी लागे
खारी लागे रे म्हाने खारी लागे
नीम की निमोड़ी म्हाने खारी लागे
मिश्री को बाग़ लगादे रसिया
नीम की निमोड़ी म्हाने खारी लागे - २
ओ जी ओ ... ओ जी ओ ..
रंग रंगीला म्हारा साहेब थे तो - २
थाकि सावली...
थाकि सावली सूरत मतवाली लागे
नीम की निमोड़ी म्हाने खारी लागे
थाकि सावली...
थाकि सावली सूरत मतवाली लागे
नीम की निमोड़ी म्हाने खारी लागे
मिश्री को बाग़ लगादे रसिया
नीम की निमोड़ी म्हाने खारी लागे - २
ओ जी ओ ... ओ जी ओ ..
सामने पड़ोसन देखो सुर्मो घारे
ठुमका करती छम छम चाले
बातो फुटेरी सी,
बातो फुटेरी सी म्हाने एक झारी लागे
उजेड़ी सी म्हाने एक क्यारी लागे
बातो फुटेरी सी म्हाने एक झारी लागे
उजेड़ी सी म्हाने एक क्यारी लागे
मिश्री को बाग़ लगादे रसिया
नीम की निमोड़ी म्हाने खारी लागे - २
ओ जी ओ ... ओ जी ओ ..
थे भी तो बिने लुक छिप झांको
खिड़की खोलो झुक झुक झांको
म्हाने सावली ,
म्हाने सावली पड़ोसन कामंगारी लागे
नीम की निमोड़ी म्हाने खारी लागे
म्हाने सावली पड़ोसन कामंगारी लागे
नीम की निमोड़ी म्हाने खारी लागे
मिश्री को बाग़ लगादे रसिया
नीम की निमोड़ी म्हाने खारी लागे - २
में तो इब थाने लागूं हु पुरानी
रिसी बातया मत कर सुनले रानी
तू तो म्हाने ,
तू तो म्हाने रूप की ढ्हिरानी लागे
प्यारी प्यारी म्हाने गृहरानी लागे
तू तो म्हाने रूप की ढ्हिरानी लागे
प्यारी प्यारी म्हाने गृहरानी लागे
मिश्री को बाग़ लगास्या हिरिये
नीम की निमोड़ी थाने खारी लागे - २
मिश्री को बाग़ लगादे रसिया
Saturday, June 13, 2026
चिरमी रा डाणा चार
वारि जाऊं चिरमी ने...
चढ़ती ने दीखे मेड्तो
उतरती ने दीखे अजमेर
वारि जाऊं चिरमी ने...
चढ़ती रो चमक्यो चुडलो सा
उतरती ने चमक्यो नोसर हार
वारि जाऊं चिरमी ने...
चिरमी बाबोसा री लाडली सा
चिरमी बाबोसा री लाडली सा
या तो दौड़ी दौड़ी पीहर जाए
वारि जाऊं चिरमी ने...
म्हारी पीहरियारी रे चुनडी
सा म्हे तोओडूं वार त्यौहार
वारि जाऊं चिरमी ने...
ऊपर रे डाले म्हारा जेठजी सा
काईँ नीचले डाला भरतार...
वारि जाऊं चिरमी ने...
के वारि जाऊं चिरमी ने
के वारि जाऊं चिरमी ने
के वारि जाऊं चिरमी ने
भंवर म्हांने खेलण द्यों गणगौर
खेलण द्यो गणगौर-गणगौर,
भंवर म्हांने निरखण द्यो गणगौर
जी म्हांरी सहेल्यां...
के दिन की गणगौर,
सुन्दर थांने कतरा दिन को
चाव सोळा दिन की गणगौर,
भंवर म्हांने सोळा दिन को चाव
ओजी म्हांरी सहेल्यां...
सहेळ्यां ने ऊभी राखो,
सुन्दर थांकी सहेळ्यां ने
ऊभी राखो जी थांकी
सहेळ्यां ने दोवंण गोट,
सुन्दर थाने खेळणं दां गणगौर
खेलण द्यो गणगौर...
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बाईसा रा बीरा लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हारा सुसराजी तो दिल्ली रा राजवी सा
म्हारा सासूजी तो गढ़ रा मालक सा
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा
म्हाने ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हारा जेठजी तो घर रा पाटवी सा
म्हारा जेठानी तो घर रा मालक सा
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा
म्हाने ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हारो देवरियो तो तारा बिचलो चंदो सा
महरी द्योरानी तो आभा माय्ली बीजळी सा
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा
म्हाने ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हारा सायब्जी तो दिल रा राजवी सा
म्हें तो सायब्जी रे मनडे री राणी सा
इण लहेरिये रा नौ सौ रुपया रोकड़ा सा
म्हाने ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो नी बादिला ढोला लहेरियो सा
म्हाने ल्याईदो ल्याईदो ल्याईदो ढोला लहेरियो सा
इतळ पीतळ रो भर लाई बेवड़ो रे
झांझरिया मारा छैल
कोई कांख मेला टाबरिया री आन
मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये
सासू बोले छे म्हाने बोलणा रे
झांझरिया मारा छैल
कोई बाईसा देवे रे म्हाने गाल
मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये
आया बीरो सा म्हाने लेवा ने रे
झांझरिया मारा छैल
ज्यारी कांई कांई करूं मनवार
मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये
थारे मनाया देवन ना मानूं रे
झांझरिया मारा छैल
थारा बड़ोडा़ बीरोसा ने भेज
मैं जाऊं रे जाऊं रे पीहरिये
काळी पड़गी रे मन की कामळी
रे झांझरिया मारा छैल
म्हारा आलीजा पे म्हारो सांचो जीव
मैं जाऊं रे जाऊं रे सासरिये
उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे
उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे
उड़ उड़ रे म्हारा,
काळा रे कागला
कद म्हारा पीव्जी घर आवे
कद म्हारा पीव्जी घर आवे ,
आवे र आवे कद म्हारा पिव्जी घर आवे
उड़ उड़ रे म्हारा काळा र कागला
कद माहरा पीव्जी घर आवे
खीर खांड रा जीमण जीमाऊँ
सोना री चौंच मंढाऊ
कागा जद म्हारा पिव्जी घर आवे,
आवे रे आवे उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे
म्हारा काळा र कागला
कद माहरा पीव्जी घर आवे
पगला में थारे बांधू रे घुघरा
गला में हार कराऊँ
कागा जद महारा पिव्जी घर आवे
उड़ उड़ रे महारा काळा रे कागला
कद महारा पिव्जी घर आवे
उड़ उड़ र महारा काला र कागला
कद महरा पिव्जी घर आवे
जो तू उड़ने सुगन बतावे
जनम जनम गुण गाऊँ
कागा जद मारा पिव्जी घर आवे ,
आवे र आवे जद म्हारा पिव्जी घर आवे
उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे
महारा काळा रे कागला
कद म्हारा पिव्जी घर आवे
उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे
उड़ उड़ रे उड़ उड़ रे
म्हारा काळा रे कगला
जद म्हारा पिव्जी घर आवे
अंजन की सीटी में म्हारो मन डोले
चला चला रे डिलैवर गाड़ी हौले हौले
बीजळी को पंखो चाले,
गूंज रयो जण भोरो बैठी रेल में
गाबा लाग्यो वो जाटां को छोरो चला चला रे...
डूंगर भागे, नंदी भागे और भागे खेत
ढांडा की तो टोली भागे,
उड़े रेत ही रेत चला चला रे...
बड़ी जोर को चाले अंजन,
देवे ज़ोर की सीटी
डब्बा डब्बा घूम रयो टोप वारो टी टी
चला चला रे...
जयपुर से जद गाड़ी चाली
गाड़ी चाली मैं बैठी थी सूधी
असी जोर को धक्का लाग्यो
जद मैं पड़ गयी उँधी
चला चला रे...
बाई सा रा बीरा जयपुर जाजो जी - २
आ साथे लाजो तारा री चुनरी - २
पु: सुन्दर गोरी बात बताओ जी - २
कसिक ल्यावान तारा री चुनरी - २
म: बाई सारा बीरा हरा हरा पल्ला जी - २
कसुमर रंग की तारा री चुनरी - २
पु: म्हारी मृगानैनी और बताओ जी - २
कसिक सोवे तारा री चुनरी - २
म: बाई सारा बीरा ननद हठेली जी - २
ओढ़न नहीं दे तारा री चुनरी - २
पु: म्हारी चंदा बदानी, ओढ बताओ जी -२
महेला में लास्या जाली री चुनडी - २
म: बाई सा रा बीरा जयपुर जाजो जी - २
आ साथे लाजो तारा री चुनरी - २
महेला में लास्या जाली री.. चुनडी
गोरे धोरां री धरती रो
पिचरंग पाणा री धरती रो ,
पीतल पातल री धरती रो,
मीरा करमा री धरती रो
कितरो कितरो रे करां म्हें बखाण,
कण कण सूं गूंजे,
जय जय राजस्थान ...
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर मंजलां भई धर मंजलां
कोटा बूंदी भलो भरतपुर
अलवर अर अजमेर
पुष्कर तीरथ बड़ो की
जिणरी महिमा चारूं मेर दे
अजमेर शरीफ औलिया
नित सत रो फरमान
रे कितरो कितरो रे करा म्हें बखाण,
कण कण सूं गूंजे,
जय जय राजस्थान....
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर मंजलां भई धर मंजलां
दसो दिसावां में गूंजे रे
मीरा रो गुण गान हल्दीघाटी
अर प्रताप रे तप पर
जग कुरबान चेतक अर
चित्तोड़ पे सारे जग ने है अभिमान
कितरो कितरो रे करां म्हें बखाण,
कण कण सूं गूंजे,
जय जय राजस्थान
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर मंजलां भई धर मंजलां
उदियापुर में एकलिंगजी
गणपति रंथमभोर
जैपुर में आमेर भवानी
जोधाणे मंडोर
बीकाणे में करणी माता
राठोडा री शान
कितरो कितरो रे करा म्हें बखान
कण कण सूं गूंजे
जय जय राजस्थान
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर मंजलां भई धर मंजलां
आबू छत्तर तो सीमा रो रक्षक
जैसलमेर किर्ने गढ़ रा परपोटा
है बांका घेर घूमेर
घर घर गूंजे मेड़ततणी
मीरा रा मीठा गान
कितरो कितरो रे करां म्हें बखाण,
कण कण सूं गूंजे,
जय जय राजस्थान
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर मंजलां भई धर मंजलां
राणी सती री शेखावाटी
जंगळ मंगळ करणी
खाटू वाले श्याम धणी री
महिमा जाए न वरणी
करणी बरणी रोज चलावे
बायेड़ री संतान
कितरो कितरो रे करा म्हें बखाण,
कण कण सूं गूंजे,
जय जय राजस्थान
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर मंजलां भई धर मंजलां
गोगा पाबू, तेजो दादू ,
झाम्बोजी री वाणी
रामदेव की परचारी
लीला किण सूं अणजाणी
जैमल पन्ना भामाशा री
आ धरती है खान
कितरो कितरो रे करा म्हें बखाण,
कण कण सूं गूंजे, जय जय राजस्थान
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर कुंचा भई धर मंजलां
धर मंजलां भई धर मंजलां
ओ लुळ ओ झुक ओ लुळ जाई रे
हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
ओ तने सिल पे बटांऊं हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
क्यारियां में बाऊं केवडो़
खेताँ में बाऊं हरियो पोदिनो
ओ लुळ ओ झुक ओ लुळ जाई रे
हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
माथा पे ल्याई केवडो़
झोळी में ल्याई हरियो पोदिनो
ओ लुळ ओ झुक ओ लुळ
जाई रे हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
सासूजी ने भावे केवडो़
सुसराजी ने भावे हरियो पोदिनो
ओ लुळ ओ झुक ओ
लुळ जाई रे हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
जेठजी ने भावे केवडो़
जेठाणी ने भावे हरियो पोदिनो
ओ लुळ ओ झुक ओ
लुळ जाई रे हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
देवेरजी ने भावे केवडो़
देवरानी ने भावे हरियो पोदिनो
ओ लुळ ओ झुक ओ
लुळ जाई रे हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
ओ तने सिल पर बटांऊं हरिया पोदीना
ओ झुक जाई रे हरिया पोदीना
मत बाओ म्हारा परनिया जीरो
यो जीरो जीव रो बैरी रे
मत बाओ म्हारा परनिया जीरो
पाडत कर पीरा पगला रे गया
म्हारा पडला घस गिया चांदी रा
मत बाओ म्हारा परनिया जीरो
यो जीरो जीव रो बैरी रे
मत बाओ म्हारा परनिया जीरो
सो रूपया की जोड़ी थांकी
म्हारो देवर भाग्यो लाखिनो
मत बाओ म्हारा परनिया जीरो
यो जीरो जीव रो बैरी रे
मत बाओ म्हारा परनिया जीरो
पीलो ओढ़ पीयरे चाली
म्हारो जीरो पड़ गयो पीलो रे
मत बाओ म्हारा परनिया जीरो
यो जीरो जीव रो बैरी रे
मत बाओ म्हारा परनिया जीरो
काजल घाल महेल मे चाली
म्हारो जीरो पड़ गयो कालो रे
मत बाओ म्हारा परनिया जीरो
यो जीरो जीव रो बैरी रे
मत बाओ म्हारा परनिया जीरो
आलीजा लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
घुमेरदार लेन्जो, घुमेरदार लेन्जो - २
बाबीला लेता आइजो जी,
आलीजा लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
अन्न दाता लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
म्हारे माथां ने मेमद लाइजो
और रखडी रतन जराईजो - २
बाबीला लेता आइजो जी,
आलीजा लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
अन्न दाता लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
बाबीला लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
म्हारी बैयाँ ने चुडलो लाइजो ,
म्हारी रखडी रतन जराईजो - २
बाबीला लेता आइजो जी,
आलीजा लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
अन्न दाता लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
बाबीला लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
म्हारी पग में पायल लाइजो ,
म्हारी बिछिया रतन जराईजो - २
बाबीला लेता आइजो जी,
आलीजा लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
अन्न दाता लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
बाबीला लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो थे
जयपुर शहर में जैजो,
जयपुर से चुनड लाइजो - २
बाबीला लेता आइजो जी,
आलीजा लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
अन्न दाता लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
बाबीला लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो घुमेरदार लेन्जो,
घुमेरदार लेन्जो - २
बाबीला लेता आइजो जी,
आलीजा लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
अन्न दाता लेता आइजो जी
घुमेरदार लेन्जो
घडलो थाम ले ,
घडलो थाम ले देवरिया कमर बलखाये
नीम की निमोड़ी म्हारे अंग अड़ जाए
घडलो सार ले देवरिया कमर बलखाये
नीम की निमोड़ी म्हारे अंग अड़ जाए
अंग अड़ जाए देवरिया घडलो पद जाए
नीम की डाली से म्हारी जोवन अड़ जाए - २
में तने बरजू रे देवर लांबी मत ना लाइजे -२
कोई आवे रे ,
कोई आवे रंग महला में खूटों सो गढ़ जाए,
नीम की निमोड़ी म्हारे अंग अड़ जाए
घडलो सार ले देवरिया कमर बलखाये
नीम की डाली से म्हारी जोवन अड़ जाए
देवारियों उतारे तो देवरानी नट जाए
नीम की डाली से म्हारी जोवन अड़ जाए - २
में तने बरजू रे देवर मोटी मत ना लाइजे -२
कोई आवे रे ,
कोई आवे रंग महला में गिंडी सी गुड जाए,
नीम की निमोड़ी म्हारे अंग अड़ जाए
घडलो सार ले देवरिया कमर बलखाये
नीम की डाली से म्हारी जोवन अड़ जाए
देवारियों उतारे तो देवरानी नट जाए
नीम की डाली से म्हारी जोवन अड़ जाए - २
में तने बरजू रे देवर काली मत ना लाइजे -२
कोई आवे रे ,
कोई आवे रंग महला में अंधियारों होई जाए,
नीम की डाली से म्हारी जोवन अड़ जाए
घडलो सार ले देवरिया कमरियो बलखाये
नीम की डाली से म्हारी जोवन अड़ जाए
देवरानी उतारे तो देवरियो जल जाए
नीम की डाली से म्हारी जोवन अड़ जाए - २
में तने कहहु रे देवर गोरी गोरी लाइजे -२
कोई आवे रे ,
कोई आवे रंग महला में दिवलो सो जुट जाए,
नीम की डाली से म्हारी जोवन अड़ जाए
घडलो सार ले देवरिया कमरियो बलखाये
नीम की डाली से म्हारी जोवन अड़ जाए
देवरानी उतारे तो देवरियो जल जाए
नीम की निमोड़ी म्हारे अंग अड़ जाए
नीम की डाली से म्हारी जोवन अड़ जाए
नीम की निमोड़ी म्हारे अंग अड़ जाए
नीम की डाली से म्हारी जोवन अड़ जाए
सूती थी रंग महल में,
सूती ने आयो रे जन जाणु,
सुपना रे बैरी नींद गवाईं रे
सुपने में आग्या जी,
म्हारी नींद गवाग्या जी
सूती है सुख नींदा में
म्हाने तरसाग्या जी
सुपना रे बैरी नींद गवाईं रे
तब तब महेला ऊतरी,
गई गई नन्दल रे पास,
बाईसा थारो बिरो चीत आयो जी
पूछे भाभी गेली बावली,
बीरोजी गया है परदेस,
सुपने तो तने झुटो ही आयो रे
Tuesday, June 9, 2026
जय लक्ष्मीरमणा श्री जय लक्ष्मीरमणा।
सत्यनारायण स्वामी जनपातक हरणा॥
जय लक्ष्मीरमणा।
रत्नजड़ित सिंहासन अद्भुत छवि राजे।
नारद करत निराजन घंटा ध्वनि बाजे॥
जय लक्ष्मीरमणा।
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प्रगट भये कलि कारण द्विज को दर्श दियो।
बूढ़ो ब्राह्मण बनकर कंचन महल कियो॥
जय लक्ष्मीरमणा।
दुर्बल भील कठारो इन पर कृपा करी।
चन्द्रचूड़ एक राजा जिनकी विपति हरी॥
जय लक्ष्मीरमणा।
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वैश्य मनोरथ पायो श्रद्धा तज दीनी।
सो फल भोग्यो प्रभुजी फिर स्तुति कीनी॥
जय लक्ष्मीरमणा।
भाव भक्ति के कारण छिन-छिन रूप धर्यो।
श्रद्धा धारण कीनी तिनको काज सर्यो॥
जय लक्ष्मीरमणा।
Tuesday, September 5, 2023
बीरो बणजारो रे
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नैणा रा लोभी
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