Friday, June 5, 2026




 वारी  ओ  गुरुदेव आपने बलिहारी    



वारीओ गुरुदेव 
आपने बलिहारी 

आप नई होता जगत में 
कुण करतो  मरी साय 
भोगता दुःख भारी 
वारी ओ  गुरुदेव 
आपने बलिहारी 

असंग जुगां को 
सुतो मारो हंसलो 
सद्गुरु दियो जगाई 
शब्द की सिसकारी 
वारी  ओ  गुरुदेव 
आपने बलिहारी 

गुरु बिन अँधा जाणिये 
नहीं हे आतम  ज्ञान 
जगत पच हारी 
वरि ओ गुरुदेव 
आपने बलिहारी 

यम से झगड़ा जीत कर 
सुख सागर के माही 
भयो आनंद भारी
वारीओ गुरुदेव 
आपने बलिहारी 

फूलगिरि की विनती 
दुर्बल करे पुकार 
अरज सुण मारी  
    वारी ओ गुरुदेव
आपने बलिहारी