माफ़ करो गुरु जी बालक थारो। माफ़ करो गुरु जी सेवक थारो।
मेरो कसूर कहूँ घबराऊ , जो में कहूँ मन में शरमाउ , सब ही गुनाह में हूँ , अनंत अपारो। माफ़ करो गुरु जी बालक थारो।
पोळा पंथ में खूब फसायो आत्म तत्व कोई ने बतलायो जिण पकड्यो मारयो ही मारयो माफ़ करो गुरु जी बालक थारो। अरज सुणो मारा सेल गुसाई , हाथ पकड़ियो तो छोड़ो नाही , छोड़ दियो तो मै बहुँ भवधारो माफ़ करो गुरु जी बालक थारो।
मान कहे मारा अन्तर्यामी आप समान करो मोरे स्वामी ब्रह्म मिलाय भरम निवारो। माफ़ करो गुरु जी बालक थारो।