Friday, September 29, 2023

हरी रा गुण कैसे लिखुं,



दोहा- 
सोरठ रो दूहो भलो, 
कपड़ो भलो रे सफेद। 
ठाकर तो दातार भलो,
 घोड़ो भलो रे कमेद।।

 हरी रा गुण कैसे लिखुं, 
लिखियो नी जाय ।।
 सात समन्द री रामा 
स्याही मंगा दूं रे, 

कलम करूं वनराय।।
 हरी रा गुण कैसे लिखुं 
कलम भरूं तो रामा 
कर म्हारा कांपै रे 

नैणों में रह्यो जल छाय।। 
हरी रा गुण कैसे लिखुं 
प्राणपति तो म्हारा
 अजहू नी आया रे, 

कानूड़ा ने दीजो समझाय।। 
हरी रा गुण कैसे लिखुं. 
बाई मीरां गावै प्रभु 
गिरधर रा गुण रे, 

हरी रा गुण कैसे लिखुं

राम राम राम राम      राम राम राम राम राम