Friday, September 29, 2023

सेजा भूली नवसर हार,


सोरठ महला उतरी,
झांझर के झंझकार 
 धूजै गढ़ रा कोंगड़ा, 
ओर धूजै गढ़ गिरनार। 
सोरठ राग सुहावनी, 
मत छेड़ प्रभात
, उड़ता पंछी गिर पड़े,
 के उठे वैराग। 

भूली गिरधर नवसर हार, 
नव दस मासा इनने गढ़ता लागो रे
 गडियो गडियो चतुर सुनार, 
धारी सेजा भूली नवसर हार, 
भुली गिरधर नवसर हार, 
धारी सेजा भूली नवसर हार।

 हीरा हीरा मोती जिनमे तारा जड़िया रे 
पोयो रे पोयो सोने वाले तार, 
सेजा भूली नवसर हार, 
भुली गिरधर नवसर हार, 
सेजा भूली नवसर हार। 

सासु ननद मारी देराणी जेठानी रे 
सब मिल देवे मने गाल, 
सेजा भूली नवसर हार, 
भुली गिरधर नवसर हार, 
सेजा भूली नवसर हार।। 
नही माने पिवर पहुचाए, 
सेजा भूली नवसर हार, 
भुली गिरधर नवसर हार, 
सेजा भूली नवसर हार।। 

थारो तो हार रानी पड्यो पलँग पे रे, 
विरदा करो मा सूं राड, 
थारी सेजा भूली नवसर हार, 
भुली गिरधर नवसर हार, 
सेजा भूली नवसर हार। 
चंद्र सखी भज बाल कृष्ण छवि रे, 
ऐ हार दिनो कृष्ण मुरार,
 थारी सेजा भूली नवसर हार, 
थारी सेजा भूली नवसर हार।।

 भुली गिरधर नवसर हार, 
थारी सेजा भूली नवसर हार।
रामरामरामरामरामरामरामरामरामरारामराम