Saturday, June 6, 2026


  भोले तेरी जटा में

 बहती है गंग धारा
 शंकर तेरी जटा
 में बहती है गंग धारा

 काली घटा के अन्दर
जिव दामिनी उजाला
 शंकर तेरी जटा में
 बहती है गंग धारा

 गले मुंड मल साजे
 शशि भाल में विराजे
 डमरू निनाद बाजे
कर में त्रिशूल धारा
 भोले तेरी जटा में
बहती है गंग धारा

 त्रगतिन तेग राशी
कटी बंध नाग फासी
 गिरिजा है संग दासी
कैलाश के निवासी
 भोले तेरी जटा में
बहती है गंग धारा

 शिव नाम जो उच्चारे
सब पाप दोष टाले
 भक्तो के कष्ट हारी
भव सिन्धु पार तारे
 भोले तेरी जटा म
        बहती है गंग धारा