Monday, October 9, 2023

वारी ओ गुरुदेव आपने बलिहारी

 
 
वारी ओ गुरुदेव आपने बलिहारी
 आप नई होता जगत में
 कुण करतो मरी साय
 भोगता दुःख भारी
 वारी ओ गुरुदेव आपने बलिहारी
 असंग जुगां को सुतो मारो हंसलो
 सद्गुरु दियो जगाई
 शब्द की सिसकारी
 वारी ओ गुरुदेव आपनेबलिहारी

 गुरु बिन अँधा जाणिये
 नहीं हे आतम ज्ञान
 जगत पच हारी
 वरि ओ गुरुदेव आपने बलिहारी

 यम से झगड़ा जीत कर
 सुख सागर के माही
 भयो आनंद भारी
 वारी ओ गुरुदेव आपने बलिहारी
 फूलगिरि की विनती
 दुर्बल करे पुकार
 अरज सुण मारी
 वारी ओ गुरुदेव आपने बलिहारी