या तो मनख जनम की मौज , फेर नहीं आवे
या तो मनख जनम की मौज ,
फेर नहीं आवे
माने सद्गुरु मिलिया सुजान और कई छावे
पदम् आसन लगाय एक धुन लाया ,
मारी सुरता सुहागन नार ज्ञान घर पाया
माने सद्गुरु मिलिया सुजान और कई छावे
अबे उनमून की सेरिया में सूरत मारी जावे ,
उठे करोड़ भाण प्रकाश शून्य घर पावे
माने सद्गुरु मिलिया सुजान और कई छावे
त्रिवेणी के तीर संत कोई नहावे
उठे कटे करम का कीट , पाप जड़ जावे
माने सद्गुरु मिलिया सुजान और कई छावे
चौरासी ने काट जीव कोई आवे
वो तो मिल जावे सत के माय जनम नहीं पावे।
माने सद्गुरु मिलिया सुजान और कई छावे
गुरु मिल गया घिसानाथ मुगट होइ जावे
गुण गावे गणेश खारोल अमर पद पावे