Saturday, September 30, 2023

साधु भाई सतगुरु दीन दयाला



साधु भाई सतगुरु दीन दयाला ।
 
तन मन धन अरपो गुरु आगे
 मिटे पाप रा जाला 
संतों सतगुरु दीन दयाला ।

 इक्कीस हजार छ: सौ मणियां 
ओम सोम टकसाला । 
हरदम जाप अजंपा रा जपले 
मन पवन मिल माला ॥ 

आला पिंगला साज सुखमणा 
सहि भौण उजवाला ।
 झिल मिल ज्योति माणक ज्यों 
मोती लिखे सो मतिवाला ॥

 रणनन वाजे गणनन गाजे 
बारो मास वरसाला । 
झणी तर शिखर जाय चमके 
खुलिया तीनों ताला ॥ 

ग़म हैं माला अगम उजयाला
 फेरे हरि रा बाला । 
रणछाराम मस्त माला में
 जन्म मरण भव टाला ॥
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